Mrs. Chatterjee Vs Norway
Cast
Rani Mukerji
Anirban Bhattacharya
Jim Sarbh
Neena Gupta
Director
Ashima Chibber
Producer
श्रीमती चटर्जी बनाम
नॉर्वे फिल्म सागरिका भट्टाचार्य नाम
की एक
वास्तविक महिला के
जीवन से
प्रेरित। इस
फिल्म की
कहानी को
सागरिका की
आत्मकथा "द जर्नी ऑफ
ए मदर"
पुस्तक से
लिया गया
है जो
2022 में प्रकाशित हुई
थी।
सागरिका भट्टाचार्य 2007
में अपने
पति अनुरूप भट्टाचार्य के
साथ नॉर्वे चली
गईं थी
उनके पति
वहा एक
सांटिस्ट के
रुप मे
काम कर
रहे थे।
नार्वे मे
सागरिका और
अनुरूप भट्टाचार्य के
दो बच्चे हुये। जिनमे से
बेटे का
नाम अभिज्ञान और
बेटी का
नाम ऐश्वर्या रखा
गया। इन
दोनो बच्चो के
पैदा होने
के बाद
उन्हे एक
गंभीर त्रासदी का
सामना करना
पडा।
2011 में नॉर्वेजियन चाइल्ड वेलफेयर सर्विसेज ने
सागरिका और
अनुरूप भट्टाचार्य को
बच्चो के
पालन-पोषण
मे नाकाबिल बताया। वास्तव मे
नॉर्वेजियन चाइल्ड वेलफेयर सर्विसेज कई
दिनो से
दोनो दंपति पर
कड़ी नजर
रख रही
थी। उसके
अनुसार दोनो
दंपति अपने
बच्चो के
साथ कई
ऐसे व्यवहार करते
है जो
बाल शोषण
के बराबर है।
उन्होंने सागरिका को
मानसिक रूप
से अस्वस्थ बताया और
बच्चों की
देखभाल करने
में असमर्थ होने का आरोप लगाया।
नॉर्वेजियन चाइल्ड वेलफेयर सर्विसेज के अनुसार वे दोनो दंपति अपने बच्चों के साथ एक ही बिस्तर पर सोते है, उन्हें हाथ लगाते थे और हिंदू परंपराओं और रीति-रिवाजों की प्रथाओं में शामिल होते है। इस तरह की प्रथाएं नार्वेजियन संस्कृति से बिल्कुल अलग थीं। इसीलिये चिल्ड्रन वेलफेयर सर्विसेज ने दोनो बच्चों को अपनी कस्टडी मे ले लिया।
नॉर्वे में बच्चों और उनके पालन-पोषण से संबधित कानून बहुत ही कडे है वे सांस्कृतिक मतभेदों के बावजूद इनका पालन करते है।
बाद में दोनो दंपत्ती ने अपने बच्चो को वापस पाने के लिये लंबी कानूनी लडाई लडी । पहले जो मामला पारिवारिक था अब वह देश का मामला बन गया। कई लोग ने इसे बच्चो के राज्य प्रायोजित अपहरण भी कहा। जब मामला अत्यधिक चर्चा मे आ गया तब भारत सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा। कई वार्ताओं के बाद यह निर्णय लिया गया कि बच्चों की कस्टडी उनके मामा को दी जाये। आखिरकार 2013 में उन्हें अपने बच्चों की पूरी तरह से कस्टडी दे दी गई।









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